Respect Father (कुछ पल जाते हम संभल )

शायद “कुछ पल जाते हम संभल “ , उस वक्त जब हमे माँ कुछ कहती है, जब हमे पिता कुछ कहते है, जब हमे भाई-बहन कुछ कहते है |

दरअसल, आज के बढ़ते तकनीक के दौर में हम Busy होने के साथ साथ अपने माता-पिता का देखभाल करने में भी भूल चुक कर देते है, लेकिन वही माता-पिता का दर्जा, चाहे वो जो भी हो या फिर आने वाले दिन में ज्यादातर आदमी को ये पोजीशन प्राप्त होता है, तब जाकर ये बात आपको भी समझ आएगी कि माँ बाप अपने बच्चो का, हमेशा भला चाहते है, चाहे स्तिथि कुछ भी हो |

ये कहानी भी एक वास्तविक जिन्दगी से ज़ुडा है, पर प्राइवेसी के तहत हम उनका डिटेल्स नहीं बता सकते | बस उनकी इस घटना को पढ़कर/देखकर आप भी कल को अपने व्यक्तित्व में सुधार ला सकते है |

वो घटना कुछ इस प्रकार थी, कि उस लड़के के पिता बगल में बीमार लेटे थे और वो कुर्सी पर बैठकर मोबाइल से बार बार अपने Girl Friend को कॉल किये जा रहा था, पर उसका कॉल नहीं लगता है जिसके कारण वो काफी परेशान रहता है | इसी बीच पिता को खांसी आती है और दावा खाने के लिए अपने बेटे को पानी लाने को कहते है पर वो इतने टेंशन में रहता है कि उनका हाथ झटक देता है और अपने पिता पर काफी गुस्सा होता है, पर पिता भी बेचारे क्या करते चुपचाप सुन लेते है और ये प्रक्रिया एक नहीं दो-तीन बार चलती है | पर हमेशा की तरह गुस्सा होता है |

इसी बीच संयोग से उसके प्रेमिका का फ़ोन लगता है जिसके लिए वो काफी देर से बेचैन रहता है , पर जैसे ही उसकी प्रेमिका फ़ोन उठाती है इस लड़के पर भड़क उठती है और आज के बाद कॉल मत करना इत्यादि बोलकर इस रिश्ते को खत्म करती है | लड़का काफी परेशान होता है और गुस्से से अपने पिता के ऊपर चिल्लाता है और फिर उस लड़की से मिलने के लिए रवाना होता है, पर हमलोग ये अक्सर सुनते है की हमेशा माँ-बाप का बात मानना चाहिए पता है क्यों ? क्योकि माता पिता के मन में होनी अनहोनी का संकेत मिल जाता है इसीलिए वो अपने बेटे को जाने से रोकते है, लेकिन वो अपने पिता की एक नहीं सुनता है और निकल पड़ता है अपने प्रेमिका से मिलने के लिए |

पर रास्ते में जाते वक्त उसका Accident हो जाता है, उसके पिता को वहा के निवासी खबर पहुचाते है | जैसे तैसे पिता वहा पहुचते है और अपने बेटे के शरीर पर रोते हुए उसके प्यार को उस लड़की के पास खबर  पहुचाने के लिए गाँव के आदमी से वही बात बोलते है जिससे अपने बेटे की ख़ुशी होती है |

पल पल तरसते थे एक पल के लिए |

          एक पल मिला था एक पल के लिए ||

सोचा था उस पल को खुशियों का पल बनायेंगे |

          लेकिन वो पल भी आया था एक पल के लिए ||

काश “कुछ पल जाते हम संभल”

विडियो देखे और पूरी कहानी समझे 

Story Covered By :- Team AC KI AADAT

 

 

 

 

 

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