तन्हाई 

कहा जाता है कि भगवान् हर आदमी के अन्दर जीवन जीने की कला के साथ साथ एक और कला देती है जिसके जरिये वो अपने आप को कुछ लोगो में पहचान बना सके, लेकिन तब, जब वो खुद उस चीज को अपने अन्दर देखकर उसपर अम्ल करते है और फिर आगे बढ़ते है ना कि अपने दैनिक जीवन में ही व्यस्त रह जाते है |

लेकिन इन सबो से हटकर एक व्यक्ति है ” रंजीत कुमार भगत “

जिन्होंने ने अपने दैनिक जीवन को बखूबी निभाते हुए अपने अन्दर के लेखन कला को मरने नहीं दिया है …इसी बीच उन्होंने ने , मुझे अपनी लिखी हुयी कविता को ackiaadat@gmail.com पर ईमेल किये तो मुझे लगा, ये कविता आपसब के बीच शेयर करना चाहिए ….और हमें बहुत ख़ुशी हुयी कि उन्होंने अपनी कविता को हमारे वेबसाइट के द्वारा आपसब के बीच पहुचाने का मौका दिया …..आप भी पढ़िए मजा आ जाएगा …

” तन्हाई “

खुदा की बड़ी नेमतो में एक होती है ‘तन्हाई’ |

          ऊपर वाले भी अपने खास बन्दे को देती है, ये ‘तन्हाई’ ||

ना तो किसी की नुमाईश , ना किसी की फरमाइश, ना तो किसी के ऊँचे स्वर का डर, ना किसी के मीठी धुरी का डर |

           बेख़ौफ़ जीते है वो जिनको मिलती है ‘तन्हाई’ ||

बंजर, रेगिस्तान, शमसान और वीरान में भी महफ़िल जमा लेते है |

          हजारो की भीड़ में भी खुद को अकेला कर लेते है, जिनको मिलती है ‘तन्हाई’ ||

इसमें खुद से या खुदा से बाते होती है |

          अकेले होते हुए भी महफ़िल का अहसास कराती है ये ‘तन्हाई’ ||

ना ही गिरने का डर, ना ही झुकने की फिकर |

          हर अंजाम से बेखबर होते है जिनको नसीब होती है ‘तन्हाई’ ||

जहाँ हर शख्स अपने मतलब की सुनते है, और हमे बेमतलब का सुना जाते है |

          खुश हूँ मै कि मुझे मिली है ‘तन्हाई’ ||

आसमानी परिंदों का जीवन जीते है, जिस शाख पर मन हो डेरा जमाते है, जब मन करें खुलें आसमान में उड़ जाते है |

          सच में बड़े नसीब वाले होते है वो जिनको मिलती है ‘तन्हाई’ ||

 

Poem Written By Ranjeet K.Bhagat

 

 

 

 

 

 

 

STOry Covered By :- Team AC KI AADAT
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