लक्ष्य, हमेशा डरावने और असंभव लगते है

जो लगातार प्रयास करते रहते है ,

उनके लिए ना तो कुछ डरावनी होती है और ना ही असंभव |

हर व्यक्ति के अपने-अपने लक्ष्य होते  है और वो उनके हिसाब से उनके लिए वही ” लक्ष्य, हमेशा डरावने और असंभव लगते है ” |( Dream, always looks scary and impossible)

लेकिन, मै उनलोगों को बताना चाहता हूँ कि किसी भी लक्ष्य को अगर आप बनाते है इसका मतलब ‘कही न कही उसे पाने की क्षमता आपके अन्दर होती है’ |

परिस्तिथि किसकी ख़राब नहीं होती है, हम सोचते है हम मजबूरी में है इसीलिए ये काम नहीं कर सकते है,  कल जब मेरी मज़बूरी ख़त्म हो जायेगी तब हम काम करेंगे |

लेकिन हमारा ऐसा मानना है कि अगर हम कुछ करेंगे तब ना हमारी स्तिथि अच्छी होगी | (If we do something then our condition will be good.)

हाँ, मै इस बात को भी स्वीकार करता हूँ कि किसी किसी जगह कोई काम हमारे अनुसार नहीं होता है और हम उसे मैनेज नहीं कर सकते है | पर अगर गौर से विचार किया जाए तो कही ना कही उस काम को करने का रास्ता जरुर निकल जाता है |

जैसा कि हमारे वेबसाइट पर आने वाले पोस्ट का जो भी लेखन होता है वो एकदम प्रैक्टिकल होता है| इसीलिए हम आपको वही बात बताते है जो कि हमारे टीम के द्वारा Proov किया गया है |

दूसरी तरफ हम कहे तो “डर” जिन्दगी में बहुत जरुरी है अब मै ये क्यों कह रहा हूँ | इसके लिए एक उदहारण लेते है जो शायद आपसब को याद होगा या फिर याद करने की कोशिश कीजियेगा |

जब हम किसी बच्चे को खेलाते है और उसे ऊपर की तरफ उछालते है तो गौर कीजियेगा उस बच्चे के चेहरे पर और दोनों हाथ पर|

चेहरा तो डरावना रहता है ही, साथ ही साथ उसे अन्दर से डर लगता है जिसके कारण वो अपने दोनों हाथो को कस के मुठ्ठी बंद किया होता है ताकि वो कही गिर ना जाए |

उसके बावजूद आप उस बच्चे को जितना उछालते है उसे उतना अधिक मन लगता है और वो खुश रहता है |

अर्थात कहने का मतलब है कि कही ना कही उस बच्चे की अंतरात्मा ये कहती है कि अगर खुश रहना है तो रिस्क तो लेना पड़ेगा और फिर मै खुद से उछल भी नहीं सकता, क्योकि मेरी इतनी क्षमता नहीं है, मेरी इतनी औकात नहीं है तो फिर डरना किस बात का |

रिस्क लेंगे तभी तो, कोई भी काम हो या जिन्दगी का कोई लक्ष्य हो, वो कभी भी, ना तो डरावना लगेगा और ना ही असंभव |

तो बस किसी भी परिस्तिथि में आप है “अपने आप को ये समझे की मै खुशनसीब हूँ कि कम से कम मेरी परिस्तिथि ठीक है “

फिर आप देखिये आपको काम करने में कितनी आसानी रहेगी |

अंत में आप से एक निवेदन है कि अगर ये वाक्य आप पढ़ रहे है इसका मतलब आप हमारे अनुभव को आप जरुर पढ़े है तो हम चाहेंगे की आप अपनी अनुभव कमेंट करके बताये और अपने दोस्तों में शेयर भी जरुर करें …

इसी तरह के मनोरंजन और प्रेरक लेख को पढ़ने के लिए आप हमारे वेबसाइट पर बने रहे www.ackiaadat.com

 

Story Covered By :- Team AC KI AADAT

 

 

 

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